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​’फाइलों पर नहीं, धरातल पर चाहिए सुशासन’: जनसुनवाई में शिकायत मिलते ही CM ने ऑन द स्पॉट दिए सस्पेंशन के आदेश

छिंदवाड़ा: ‘जनविश्वास’ का मतलब सिर्फ फाइलों पर दस्तखत करना नहीं, बल्कि जनता को राहत देना है—और यह बात प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अभियान के पहले ही दिन बेहद साफ लफ्जों में समझा दी है। शुक्रवार को छिंदवाड़ा से राज्यव्यापी ‘जनविश्वास अभियान’ की शुरुआत करने पहुंचे सीएम ने जब आम जनता से सीधी बात की, तो अधिकारियों की लापरवाही की परतें खुलने में देर न लगी।


नतीजा? ऑन द स्पॉट एक्शन! – जनसुनवाई और सीएम हेल्पलाइन के लंबित मामलों में घोर लापरवाही बरतने पर सीएम ने मंच से ही छिंदवाड़ा CMHO, परासिया तहसीलदार और पटवारी को तुरंत निलंबित करने का फरमान सुना दिया।

CMHO तत्काल प्रभाव से निलंबित: प्रसूति सहायता योजना में अनमोल पोर्टल पर गलत पंजीयन के कारण आवेदिका को 10 महीने तक लाभ से वंचित रखने और जिले में पेंडिंग शिकायतों के मामले में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नरेश गुन्नाडे को निलंबित कर दिया गया।

पीएम किसान योजना में गलत रिपोर्टिंग पर गाज: पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ न मिलने और गलत प्रतिवेदन देने पर परासिया तहसीलदार सुश्री सुनैयना ब्रह्मे एवं हल्का पटवारी सिद्धांत साहू को तत्काल निलंबित किया गया। साथ ही पीड़ित महिला को मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान से तुरंत आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए गए।

4 साल की देरी पर वेतन वृद्धि रोकी: स्वर्गीय संतोष वर्मा की मृत्यु के बाद अनुग्रह सहायता राशि मिलने में 4 साल का विलंब होने पर जनपद पंचायत चौरई के सीईओ तरुण राहांगडाले और तत्कालीन श्रमपदाधिकारी धम्मदीप भगत की एक-एक वार्षिक वेतन वृद्धि (इन्क्रीमेंट) रोक दी गई।

राजस्व मामले में नोटिस और कार्रवाई: एसडीएम के आदेश के 8 माह बाद भी नाम दुरुस्ती न करने और पोर्टल पर फर्जी तरीके से शिकायत बंद करने पर चौरई तहसीलदार उमराज वालरे और हल्का पटवारी की वेतन वृद्धि रोकी गई। इसके अलावा एसडीएम प्रभात मिश्रा को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।

मत्स्य संपदा योजना का तुरंत भुगतान: स्वीकृत आर.ए.एस. परियोजना की अनुदान राशि रोके जाने पर सहायक संचालक (मत्स्य विभाग) को लंबित राशि का तत्काल भुगतान करने के निर्देश जारी किए गए।

जनता की अदालत में ऑन द स्पॉट फैसला – ‘समाधान कार्यक्रम’ के दौरान जब सीएम सीधे फरियादियों से रूबरू हुए, तो स्वास्थ्य महकमे की बदहाली और राजस्व अमले की टालमटोल की शिकायतों की झड़ी लग गई। अफसरों की दलीलों से असंतुष्ट सीएम ने जरा भी रियायत नहीं दिखाई और कहा—”जनता को चक्कर कटवाने वाले अफसरों के लिए सुशासन में कोई जगह नहीं है।”

पूरे सूबे के प्रशासनिक अमले में हड़कंप – जनविश्वास अभियान का असल मकसद ही प्रशासन को जनता के द्वार तक लाना और बरसों पुराने पेंडिंग मामलों को चुटकी में निपटाना है। लेकिन पहले ही दिन मुख्यमंत्री के इस ‘थर्ड डिग्री’ प्रशासनिक रवैये ने पूरे प्रदेश के अफसरों को कड़ा मैसेज दे दिया है कि अब कुर्सी पर टिकना है, तो काम करके दिखाना ही होगा।

खबर : करण विश्वकर्मा – 9755432229