Home CITY NEWS पहले ‘मुंहबोला भाई’ बना, फिर फर्जी पुलिस बन ऐंठे 19 लाख रुपये;...

पहले ‘मुंहबोला भाई’ बना, फिर फर्जी पुलिस बन ऐंठे 19 लाख रुपये; छिंदवाड़ा में महिला से बड़ी ठगी..

• झांसा ऐसा कि महिला ने घर के गहने तक गिरवी रख दिए, एयरपोर्ट पर हीरे-डॉलर के साथ गिरफ्तारी का बनाया था बहाना

• सिटी कोतवाली में दर्ज कराई गई लिखित शिकायत, शातिर साइबर ठगों की तलाश में जुटी पुलिस

छिंदवाड़ा : डिजिटल फ्रॉड और रिश्तों की आड़ में ठगी करने वाले साइबर जालसाजों ने इस बार छिंदवाड़ा में एक महिला कर्मचारी को अपना शिकार बनाया है। ठगों ने भावनात्मक जाल और फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर डराने-धमकाने का ऐसा षड्यंत्र रचा कि पीड़िता ने अपनी जमा पूंजी गंवाने के साथ-साथ घर के जेवरात तक गिरवी रखकर कुल 19 लाख रुपये ठगों के खातों में ट्रांसफर कर दिए। अब पीड़िता ने सिटी कोतवाली थाने पहुंचकर मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई है, जिस पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

अज्ञात नंबर से कॉल कर बनाया भाई-बहन का रिश्ता

पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 21 सितंबर को उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से वॉइस कॉल आया। कॉल करने वाले ने अपना नाम विपिन गुप्ता बताया। पहले तो उसने दोस्ती करने की बात कही, लेकिन जब महिला ने मना किया, तो उसने भाई-बहन का रिश्ता जोड़ने की बात कही और करीब 5 मिनट बातचीत करके कॉल काट दिया।

अगले ही दिन आया ‘फर्जी पुलिस’ का फोन, शुरू हुआ वसूली का खेल

महिला अभी इस बातचीत को समझ भी नहीं पाई थी कि 22 सितंबर की सुबह करीब 11 बजे उनके मोबाइल पर एक अन्य नंबर से कॉल आया। सामने वाले ने खुद को ‘पुलिस ऑफिसर’ बताते हुए कहा कि “तुम्हारा भाई विपिन गुप्ता एयरपोर्ट पर डॉलर और हीरों के साथ पकड़ा गया है और गिरफ्तार हो चुका है। यदि उसे छुड़ाना चाहती हो, तो तुरंत 48 हजार रुपये भेजो।”

घबराहट और एक दिन पहले हुई बातचीत के प्रभाव में आकर महिला ने बताए गए बारकोड (सूरज कुमार के नाम पर) पर एसबीआई खाते से यूपीआई के माध्यम से 48,000 रुपये भेज दिए।

वकील, गवाह और जज के नाम पर मांगते रहे लाखों रुपये

ठगों ने देखा कि पीड़िता उनके जाल में फंस चुकी है, जिसके बाद वसूली की मांग लगातार बढ़ती गई:

  • 23 सितंबर: कॉल कर कहा गया कि विपिन को छुड़ाने के लिए 4 गवाह और वकील की फीस के 75 हजार रुपये लगेंगे, वरना उसकी जिंदगी बर्बाद हो जाएगी। महिला ने यूनियन बैंक खाते से दो किस्तों में 45,000 रुपये ट्रांसफर किए।
  • 30 सितंबर: फिर से पुलिस अधिकारी बनकर कॉल आया और धमकी दी गई कि भाई को केस से बाहर निकालने के लिए जज को 7 लाख रुपये देने होंगे। इसके बाद बार-बार कॉल कर 15 लाख रुपये तक की मांग की जाने लगी।

गहने गिरवी रखकर कियोस्क और सराफा से ट्रांसफर कराई रकम

ठगों के लगातार दबाव और धमकियों से भयभीत होकर महिला ने गोलगंज स्थित ज्वेलर्स में अपने घर के सोने के जेवर गिरवी रखे। वहां स्थित कियोस्क सेंटर के माध्यम से 28 सितंबर, 30 सितंबर और 13 अक्टूबर को किस्तों में लाखों रुपये ठगों द्वारा भेजे गए विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर करवाए।

यही नहीं, 16 अक्टूबर को पीड़िता ने शनिचरा बाजार स्थित ज्वेलर्स में भी जेवर गिरवी रखकर 2 लाख 50 हजार रुपये की राशि ट्रांसफर कराई। इस तरह पीड़िता ने अपनी मेहनत की कमाई और गहने बेचकर कुल 19 लाख रुपये ठगों के हवाले कर दिए।

अब भी आ रहे धमकी भरे कॉल, पीड़िता ने लगाई न्याय की गुहार

पीड़िता के अनुसार, 15 अक्टूबर के बाद जब उन्होंने पैसे देने बंद कर दिए, तब भी जालसाज लगातार फोन कर रुपये की मांग कर रहे हैं और कह रहे हैं कि पैसे नहीं दिए तो केस नहीं सुलझेगा। मानसिक तनाव और प्रताड़ना से तंग आकर पीड़िता ने कोतवाली थाने पहुंचकर सभी मोबाइल नंबरों, बैंक खातों और लेनदेन के ब्योरे के साथ प्राथमिकी दर्ज करने की गुहार लगाई है।

सावधानी ही बचाव है: पुलिस प्रशासन लगातार अपील करता रहा है कि किसी भी अज्ञात व्यक्ति के कॉल पर भरोसा न करें। कस्टम, एयरपोर्ट या पुलिस अधिकारी बनकर गिरफ्तारी या पार्सल के नाम पर पैसे मांगने वाले कॉल्स पूरी तरह फर्जी होते हैं। ऐसे किसी भी कॉल की तुरंत स्थानीय थाने या साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।

खबर : करण विश्वकर्मा – 9755432229