11 सूत्रीय ज्ञापन; सूखा राहत, माचागोरा पीड़ितों को मुआवजा और चौंसरा न्यूक्लियर प्लांट रद्द करने की मांग
छिंदवाड़ा। पार्टी की ओर से जारी कारण बताओ नोटिस और वरिष्ठ नेताओं की तमाम समझाइश के बावजूद भाजपा किसान नेता एवं जिला पंचायत उपाध्यक्ष अमित सक्सेना अपने आंदोलन पर अडिग रहे। उन्होंने ‘किसान युवा शक्ति संगठन’ के बैनर तले सैकड़ों किसानों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री के नाम 11 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन जिला कलेक्टर को सौंपा। इस विशाल रैली में जिले भर के किसानों के अलावा भाजपा समर्थित कई सरपंच व जनप्रतिनिधि भी शामिल हुए।

गौरतलब है कि अमित सक्सेना द्वारा अपनी ही सरकार के खिलाफ आंदोलन का ऐलान करने पर भाजपा जिलाध्यक्ष शेषराव यादव ने उन्हें अनुशासनहीनता का 7 दिन का नोटिस जारी किया था, जिसे दरकिनार करते हुए उन्होंने यह शक्ति प्रदर्शन किया।
किसानों की प्रमुख 11 मांगें:
- सूखाग्रस्त जिला घोषित हो: जिले में अल्प वर्षा के चलते फसलें पूरी तरह चौपट हो चुकी हैं। जिले को तत्काल सूखाग्रस्त घोषित कर किसानों को सूखा राहत, फसल बीमा का लाभ और बैंक ऋण के ब्याज की माफी दी जाए।
- माचागोरा डूब क्षेत्र को 4 गुना मुआवजा: डूब क्षेत्र के प्रभावित किसानों को 4 गुना मुआवजा मिले, 97% डूबे गांवों को 100% डूब क्षेत्र का दर्जा दिया जाए, छूटे हुए खसरे-मकानों का पुनः सर्वे कराया जाए, मछुआरों की नई समिति गठित हो तथा पुनर्वास कॉलोनी के मकानों की रजिस्ट्री की जाए।
- चौंसरा न्यूक्लियर पावर प्लांट रद्द हो: चौंसरा में प्रस्तावित न्यूक्लियर पावर प्लांट को जनहित के लिए हानिकारक बताते हुए इसे किसी भी हाल में मंजूरी न देने की मांग की गई।
- स्थानीय विकास एवं अन्य मांगें: प्रत्येक पंचायत में ‘बीजी-जी रामजी योजना’ के तहत खेत-सड़क कार्य शुरू कर रोजगार सृजन हो, पंचायतों में कुओं का निर्माण कराया जाए, स्मार्ट मीटर हटाकर फ्लैट रेट पर बिजली दी जाए। इसके अलावा देवरी कलां-बेलतारी, सिहोरा गड़का-जमुनिया, वारापाट-बोहनाखेरी में पुल निर्माण, माइक्रो इरिगेशन का कार्य तेज कर सिंचाई व नल-जल योजनाएं चालू करने तथा निर्माण सामग्री ढोने वाले ट्रैक्टरों पर दंडात्मक कार्रवाई रोकने की मांग ज्ञापन में प्रमुखता से शामिल है।
खबर : करण विश्वकर्मा – 9755432229








