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छिंदवाड़ा के कलाकारों से धोखाधड़ी: साउथ के फिल्म डायरेक्टर व कास्टिंग डायरेक्टर पर गंभीर आरोप, हैदराबाद EOW में ₹3.5 करोड़ का केस दर्ज

  • अनुबंध के मुताबिक नहीं किया वेतन का भुगतान, तामिया थाने में जल्द दर्ज होगी FIR।
  • फिल्म में लीड हीरो बनाने और साझेदारी का झांसा देकर दंपति से ठगे 3.5 करोड़ रुपये।
  • तेलुगु और हिंदी फिल्मों के नामचीन निर्देशक जी. अशोक बाबू, पत्नी समेत कई अन्य से पूछताछ शुरू।

छिंदवाड़ा/साइबराबाद: साउथ (दक्षिण भारतीय) फिल्म उद्योग के एक नामचीन फिल्म निर्देशक और कास्टिंग डायरेक्टर द्वारा मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के स्थानीय कलाकारों के साथ बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी और वेतन में भ्रष्टाचार करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इसके साथ ही, इसी निर्देशक पर हैदराबाद की साइबराबाद आर्थिक अपराध शाखा (EOW) में एक दंपति से उनके बेटे को फिल्म का मुख्य अभिनेता (लीड हीरो) बनाने का झांसा देकर ₹3.5 करोड़ की ठगी करने का भी मुकदमा दर्ज हुआ है।

छिंदवाड़ा के कलाकारों के साथ वेतन में भ्रष्टाचार

प्राप्त जानकारी के अनुसार, साउथ के फिल्म निर्देशक और कास्टिंग डायरेक्टर ने छिंदवाड़ा जिले के स्थानीय कलाकारों को काम देकर उनके साथ धोखा किया है। आरोप है कि कलाकारों के वेतन में बड़े पैमाने पर हेराफेरी और भ्रष्टाचार किया गया है। अनुबंध (कांट्रैक्ट) के मुताबिक तय राशि का भुगतान नहीं किया गया और कलाकारों के हजारों रुपये रोक कर रखे गए हैं, जिसका अभी तक भुगतान नहीं हुआ है। ठगी और आर्थिक शोषण के शिकार हुए कलाकार अब इस मामले को लेकर कानूनी कदम उठा रहे हैं और जल्द ही छिंदवाड़ा के तामिया थाने में इस संबंध में भी (FIR) दर्ज कराई जाएगी।

बेटे को हीरो बनाने के नाम पर ₹3.5 करोड़ की ठगी

दूसरी ओर, साइबराबाद EOW ने इसी तेलुगु फिल्म निर्देशक गुदलुरी अशोक बाबू के खिलाफ एक दंपति की शिकायत पर ₹3.5 करोड़ की धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, युवक के पिता हनुमंत राव की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई है।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि निर्देशक अशोक बाबू ने वर्ष 2024 से लेकर इस वर्ष जनवरी तक पीड़ित परिवार के बेटे को फिल्म का हीरो बनाने और फिल्म में साझेदारी (पार्टनरशिप) देने का वादा कर उनसे टुकड़ों में कुल ₹3.5 करोड़ ले लिए। जब पीड़ित परिवार ने बार-बार पैसों और फिल्म की प्रगति के बारे में पूछा, तो अशोक बाबू उन्हें जल्द ही बेटे को लॉन्च करने का आश्वासन देते रहे। लेकिन न तो उन्होंने अपना वादा पूरा किया और न ही राशि वापस लौटाई।

निर्देशक व पत्नी से पूछताछ जारी

धोखाधड़ी का अहसास होने पर पीड़ित परिवार ने पुलिस का रुख किया। साइबराबाद EOW ने मामला दर्ज कर इस हाई-प्रोफाइल केस की जांच तेज कर दी है। जांच के तहत शुक्रवार को पुलिस ने निर्देशक अशोक बाबू, उनकी पत्नी विजया तथा उनके वित्तीय लेन-देन से जुड़े कई अन्य संदिग्ध लोगों को तलब कर कड़ी पूछताछ की है।

कौन हैं निर्देशक जी. अशोक बाबू?

गुदलुरी अशोक बाबू ने वर्ष 1986 में तेलुगु फिल्म उद्योग में एक बाल कलाकार के रूप में अपना करियर शुरू किया था। इसके बाद उन्होंने 300 से अधिक फिल्मों में डांस असिस्टेंट और कोरियोग्राफर के रूप में काम किया। वर्ष 2007 में फिल्म ‘उषोदयम’ से निर्देशन की शुरुआत करने पर उन्हें सर्वश्रेष्ठ बाल फिल्म निर्देशक का ‘नंदी पुरस्कार’ भी मिला था। उन्होंने ‘आकाशा रामन्ना’, ‘पिल्ला ज़मींदार’ (नानी अभिनीत), ‘सुकुमारुडु’, ‘चित्रांगदा’ और ‘भागमती’ (अनुष्का शेट्टी अभिनीत) जैसी प्रसिद्ध फिल्मों का निर्देशन किया है। इसके अलावा उन्होंने हिंदी फिल्मों ‘कुछ खट्टा हो जाए’ (2024) और ‘उफ्फ ये सियापा’ का भी निर्देशन किया है।

फिलहाल, साइबराबाद पुलिस और EOW इस पूरे मामले की कड़ाई से जांच कर रही है, वहीं छिंदवाड़ा के स्थानीय कलाकार तामिया थाने में शिकायत दर्ज कराने की तैयारी में है स्थानीय कलाकारों के शोषण का यह मामला फिल्म जगत में तूल पकड़ रहा है।

खबर प्राप्त जानकारी के अनुसार